Skip to main content

Posts

Reminiscence Review: पूरे ध्यान से देखनी पड़ती है 'रेमिनिसेंस'

टीवी चैनल एचबीओ की सबसे सफलतम सीरीज वेस्टवर्ल्ड के बाद जोनाथन और लीसा ने मिलकर रेमिनिसेंस (Reminiscence) नाम की फिल्म बनाई है जो हाल ही में अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज की गयी है. फिल्म का स्क्रीनप्ले बड़ा कॉम्प्लेक्स बनाने की कोशिश की गयी है और इसे बड़े ध्यान से देखना पड़ता है और इसके बावजूद हर सीन किसी पुरानी फिल्म की याद दिलाता हुआ नजर आता है. from Latest News फ़िल्म रिव्यू News18 हिंदी https://ift.tt/3AEjLnA

Shyam Singha Roy Review: एक्टर नानी के फैंस के लिए 'श्याम सिंघा रॉय' एक बढ़िया फिल्म है

Review: फिल्म की कहानी पुनर्जन्म की होने के बावजूद उसमें कई खूबसूरत सोशल मैसेज रखे गए हैं. निर्देशक राहुल सांकृत्यायन की फिल्म 'श्याम सिंघा रॉय' की कहानी भले ही आसान हो उसका स्क्रीनप्ले फिल्म को बेहतर से बेहतरीन बना देता है और ये फिल्म उसका अच्छा और सच्चा उदहारण है. इसे देखा जाना चाहिए. from Latest News फ़िल्म रिव्यू News18 हिंदी https://ift.tt/3rZs8q8

Bhaukaal 2 Review: 'भौकाल' का दूसरा सीजन लक्ष्य से भटक गया है

Bhaukaal 2 Review: मिर्ज़ापुर देख चुके दर्शक अब उत्तर प्रदेश की गुंडागर्दी और बाहुबली प्रथा से खासे परिचित हैं. भौकाल में भौकाल ही नहीं बना है किसी का. पुलिस का भौकाल बनना ज़रूरी था लेकिन अपराधियों का कैरेक्टर ग्राफ बहुत ही कमज़ोर है. वेब सीरीज में बैक स्टोरी दिखा कर किरदार का मोटिव समझाया जा सकता है लेकिन भौकाल 2 ऐसा कुछ नहीं करता जबकि सीजन 1 में सब कुछ रहा है. भौकाल 2 कमजोर है. पहले सीजन को पसंद करने वालों को निराशा हाथ लगेगी. from Latest News फ़िल्म रिव्यू News18 हिंदी https://ift.tt/3r3zIAw

Putham Pudhu Kaalai Vidiyaadha Review: पुत्तम पुधु कालई वितियता में कुछ कहानियां बहुत खूबसूरत हैं

पुत्तम पुधु कालई वितियता (Putham Pudhu Kaalai Vidiyaadha) की कहानी आजकल के जमाने की है. सेट डिजाइन से लेकर वर्क फ्रॉम होम और लॉकडाउन की वजह से बंद हो चुके व्यवसायों की सच्चाई भी देखी जा सकती है. लिजो मोल और अर्जुन दास दोनो ही सफल और प्रतिभावान अभिनेता हैं. अर्जुन की भारी आवाज में एक सच्चाई है. संगीत गौतम वसु वेंकटन का है और हर दृश्य में एक पात्र की तरह सुनाई देता है. ये फिल्म सुन्दर बनी है. from Latest News फ़िल्म रिव्यू News18 हिंदी https://ift.tt/3fML8SY

Brazen Review: दर्शक तो मूर्ख हैं ही, साबित करेगी 'ब्रेजन'

लेखक और निर्देशक जब दर्शकों को मूर्ख समझते हैं और ये उम्मीद करते हैं कि लिखते या निर्देशित करते समय उन्हें जितना रोमांच महसूस हुआ होगा उतना ही दर्शकों को भी होगा, तो ब्रेज़न जैसी फिल्म बनती है. नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ होने की वजह से इसको देखने वाले लाखों में होंगे मगर पसंद करने वाले शायद ही कुछ हज़ार. न ठीक से रोमांटिक थ्रिलर बन पायी और न ही मर्डर मिस्ट्री, ब्रेज़न को देखना यानी सरदर्द को आमंत्रित करने जैसा है और खुद को मूर्ख साबित करने जैसा है. from Latest News फ़िल्म रिव्यू News18 हिंदी https://ift.tt/3FTheHn

Ram Asur Review: राम असुर, एक अच्छी कहानी, अच्छा स्केल मिल जाता तो उम्दा होता

Ram Asur Review: फिल्म देखने की कोई मजबूत वजह नहीं है लेकिन फिल्म की पढ़ाई करने वाले इसे देखकर कहानी की स्केल से होने वाले नुकसान को समझ सकते हैं. जैसे करण जौहर की फिल्म कलंक का स्केल बहुत बड़ा था और कहानी कमज़ोर इसलिए फिल्म पिट गयी. राम असुर का स्केल छोटा है इसलिए देखने वाले निराश होंगे. from Latest News फ़िल्म रिव्यू News18 हिंदी https://ift.tt/3Kyqzb5

'कौन बनेगी शिखरवती' REVIEW: फीका निकला नसीरुद्दीन शाह का ओटीटी डेब्यू

'Kaun Banegi Shekharwati' Review: 10 एपिसोड और करीब साढ़े 5 घंटे लम्बी इस वेब सीरीज में लगता है कि अब मजा आएगा... अब मजा आएगा, लेकिन ये मजा आते-आते एपिसोड ही खत्म हो जाता है. बच्चों की तरह लिखी गयी इस वेब सीरीज में न तो नसीर जमे हैं और न ही लारा या सोहा या कृतिका. एक रघुवीर यादव के कुछ पलों को छोड़ दें और चाइल्ड आर्टिस्ट अलीशा खैरे को छोड़ दें तो पूरी की पूरी सीरीज एक बेहतरीन टाइम वेस्ट है. from Latest News फ़िल्म रिव्यू News18 हिंदी https://ift.tt/3nxloy7